Startup India Seed Fund Scheme in Hindi स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना

Startup India Seed Fund Scheme in Hindi स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना An Initiative To Spur Entrepreneurship Across India भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (Startup India Seed Fund Scheme (SISFS)) शुरू की गई है।

स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी, 2021 को स्टार्टअप इंडिया पहल (Startup India initiative) के 5 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित ‘प्रारंभ: स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट’ (Prarambh: Startup India International Summit) में की थी।

तत्कालीन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 19 अप्रैल, 2021 को “स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना” (Start Up India Seed Fund Scheme) योजना लांच की थी।

The Need For Startup India Seed Fund Scheme

उद्यम के विकास के प्रारंभिक चरणों में उद्यमियों के लिए पूंजी की आसान उपलब्धता आवश्यक है।

अवधारणा का प्रमाण प्रदान किए जाने के बाद ही एंजल निवेशकों और वेंचर कैपिटल फर्मों से फंडिंग स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध हो जाती है। इसी तरह, बैंक केवल संपत्ति-समर्थित आवेदकों को ही ऋण प्रदान करते हैं।

अवधारणा परीक्षण के प्रमाण का संचालन करने के लिए एक नवीन विचार के साथ स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग प्रदान करना आवश्यक है।

Objective Of The Scheme

स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS) का उद्देश्य स्टार्टअप्स को अवधारणा के प्रमाण, प्रोटोटाइप विकास, उत्पाद परीक्षण, बाजार में प्रवेश और व्यावसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

यह इन स्टार्टअप्स को उस स्तर तक आगे बढ़ने में सक्षम करेगा जहां वे एंजल निवेशकों या उद्यम पूंजीपतियों से निवेश जुटाने में सक्षम होंगे या वाणिज्यिक बैंकों या वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने में सक्षम होंगे।

इस फंड का लक्ष्य इरादा, प्रोटोटाइप विकास, उत्पाद परीक्षण, बाज़ार में प्रवेश और व्यावसायीकरण के प्रमाण हेतु स्टार्टअप (Start Up) को आर्थिक संबंधी सहायता प्रदान करना है।

स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड योजना (SISFS) के माध्यम से भारत में नए उद्यमियों (Entrepreneurs) और स्टार्टअप (Start Up) को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

945 करोड़ रूपए लागत की इस योजना को ‘उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (Department for Promotion of Industry and Internal Trade-DPIIT) द्वारा लॉन्च किया गया है

स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना की विशेषताएं (Features of Startup India Seed Fund Scheme)

अगले 4 वर्षों में 300 इन्क्यूबेटर्स (Incubators) के माध्यम से लगभग 3,600 उद्यमियों (Entrepreneurs) का समर्थन किया जाएगा।

DPIIT( Department for promotion of Industry and Internal Trade) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ सलाहकार समिति योजना के समग्र निष्पादन(overall performance) और निगरानी हेतु ज़िम्मेदार होगी।

समिति द्वारा चयनित पात्र इन्क्यूबेटरों(Incubators) को 5 करोड़ रुपए तक की उपहार राशि प्रदान की जाएगी।

चयनित इनक्यूबेटर्स (Incubators) को स्टार्टअप (Start Up) के प्रोटोटाइप का विकास, अवधारणा के सुबूत (proof of concept), उत्पाद परीक्षण हेतु 20 लाख रूपए तक की उपहार राशि प्रदान की जाएगी।

स्टार्टअप (Start Up) को बाज़ार में प्रवेश, व्यवसायीकरण या परिवर्तनीय डिबेंचर या ऋण से जुड़े उपकरणों (devices) हेतु 50 लाख रुपए तक का निवेश (Investment) प्रदान किया जाएगा।

स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (How to Apply Online for Startup India Seed Fund Scheme)

आपको सबसे पहले स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना की ऑफिशियल वेबसाइड पर जाना होगा, और इस ऑफिशियल वेबसाइड लिंक पर क्लिक करें। एक पेज ओपेन होगा-

होम पेज पर आपको APPLY NOW का ऑप्शन मेनू बार मे दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

यदि आप For Incubators के रूप में बीज निधि योजना में शामिल होना चाहते हैं, तो बस अब Apply Now करें बटन का क्लिक करें।

For Incubators / For Startups क्रेडेंशियल के रूप में उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।

इस तरह से उम्मीदवार स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के लिए इनक्यूबेटर (For Incubators) एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए लॉगिन कर सकते हैं।

एक कंपनी को “स्टार्टअप” तब माना जाएगा (An entity shall be considered a “Startup”) –

यदि कोई कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Private Limited Company) या पंजीकृत भागीदारी फर्म (Registered Partnership Firm) या सीमित देयता भागीदारी (Limited Liability Partnership) के रूप में शामिल है तो उसे स्टार्टअप कहा जाएगा। एक एकल स्वामित्व (sole proprietorship) या एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी (public limited company) को स्टार्टअप नहीं कहा जाएगा।

यदि यह इसके निगमन/पंजीकरण (incorporation/ registration) की तिथि से 10 वर्ष तक है।

यदि किसी वित्तीय वर्ष में कंपनी कारोबार 100 करोड़ रूपये से अधिक नहीं है।

यदि यह उत्पादों या प्रक्रियाओं या सेवाओं के नवाचार, विकास या सुधार की दिशा में काम कर रहा है, या यदि यह रोजगार सृजन या धन सृजन की उच्च क्षमता वाला एक स्केलेबल व्यवसाय मॉडल (scalable business model) है।

पहले से ही अस्तित्व में किसी व्यवसाय के विभाजन या पुनर्निर्माण द्वारा गठित नहीं होना चाहिए था।

सीड फंडिंग क्या है (Seed Funding)

सीड फंडिंग का उपयोग किसी उद्यम या व्यवसाय के प्रारंभिक दौर में किया जाता है।

यह एक कंपनी को उसके शुरुआती दौर में वित्त सहायता प्रदान करने में मदद करती है, जिसमें बाज़ार अनुसंधान और उत्पाद विकास जैसी पहलें शामिल होती हैं।

सीड फंडिंग कई संभावित निवेशकों द्वारा की जा सकती है जिसमें संस्थापक, दोस्त, परिवार, इनक्यूबेटर, उद्यम पूंजी कंपनियांँ (Venture Capital Companies) आदि शामिल होती हैं। एंजेल निवेशक (Angel Investor) सीड फंडिंग में भाग लेने वाले सबसे सामान्य निवेशकों में से एक हैं।

एंजेल निवेशक जोखिम भरे उपक्रमों में निवेश करते हैं और निवेश के बदले कंपनी में इक्विटी हिस्सेदारी प्राप्त करते हैं।

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